रामदेव ने उद्यमियों से कहा: सस्ते उत्पाद बनाएं
  • ByVikas
  • OnFebruary 20, 2016
  • Views175
  • Comments0

नई दिल्ली
योग गुरु बाबा रामदेव ने उद्यमियों से अपने उत्पाद किफायती रखने और घरेलू बाजार को गति देने को कहा। रामदेव खाद्य एवं पेय तथा सौंदर्य प्रसाधन उत्पाद बनाने वाली कंपनी पंतजलि के संचालक हैं। चालू वित्त वर्ष में कंपनी का कारोबार 5,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।

600 से ज्यादा उद्यमियों को संबोधित करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि भारत में काफी संभावनाएं हैं और उन्हें स्वेदशी उत्पादों को बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए। उद्यमी संगठन द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘आप जो काम कर रहे हैं उसके प्रति 100 प्रतिशत ईमानदार रहें। आपके प्रॉडक्ट की कीमत भी ज्यादा नहीं होनी चाहिए।’

भारतीय कंपनियों द्वारा अधिक कीमत रखे जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘हम किसी भारतीय कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहे हैं, लेकिन साथ ही मैं चाहता हूं कि भारतीय कंपनियां अपनी कीमतों पर ध्यान दें। हमारा काम पूरी तरह सामाजिक न्याय, नैसर्गिक न्याय एवं सेवा भाव पर आधारित है।’

हरिद्वार स्थित पंतजति 500 से ज्यादा प्रॉडक्ट्स बनाती है। पंतजलि में उत्तराधिकार योजना के बारे में रामदेव ने कहा, ‘यह किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं होगी। यह परमार्थ की धारणा पर चलता रहेगा। पिछले साल जब यह कर्ज मुक्त हुआ था, तब हमने कहा कि कंपनी का कोई भी शेयरधारक कंपनी से लाभांश नहीं लेगा।’

योग गुरु रामदेव ने आगे कहा, ‘मैंने इसे चलाने के लिए कई शिष्यों को प्रशिक्षित किया है और वहां सौ से ज्यादा रामदेव होंगे।’ पतंजलि चालू वित्त वर्ष में 150 प्रतिशत वृद्धि के साथ 5,000 करोड़ रुपये (73 करोड़ डॉलर) के कारोबार की उम्मीद कर रही है और मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन सुविधा का विस्तार कर रही है।

रामदेव ने कहा, ‘हमारी इस साल के अंत तक मौजूदा क्षमता में पांच गुना वृद्धि की योजना है। हम अगले छह महीने में इसकी शुरुआत करेंगे।’ उन्होंने कहा कि फिलहाल 99 प्रतिशत उत्पादन पतंजलि के अपने कारखाने में होता है।

Aim of this website is to spread the thoughts of Swami ji to one and all. When you listen to Swami ji though videos then those thoughts reach directly to you. Please share this website with your friends and acquaintances.
CALENDER

Archive Calendar

Mon Tue Wed Thu Fri Sat Sun
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930